Radharamano Vijayate

Hindi —
*कथा सूत्र*
*मनमाधवगौडेश्वर वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज*
गुरुदेव महाराज कहते हैं, कि विज्ञान के अनुसार आपके पैर का अंगूठा आपकी छाती से सबसे दूर है। इसलिए शरीर में सबसे ठंडा रक्त आपके पैर के अंगूठे में होता है। अगर किसी भी धातु का तापमान निश्चित करना हो, तो सबसे पहले चरणों में ही डाला जाता है। महाराज श्री कहते हैं कि स्नान करने की भी एक विधा है, सबसे पहले चरणों में जल डालकर नारायण का स्मरण किया जाता है। दूसरा हाथ भीगने चाहिए। तब पितामह ब्रह्मा का स्मरण करना चाहिए। और तीसरे क्रम में खोपड़ी के ऊपर पानी गिरना चाहिए, और खोपड़ी पर पानी गिरे, तो भगवान शंकर का स्मरण करना चाहिए। ऐसा विचार करते हुए स्नान करना, वह बाथरूम का स्नान भी गंगा स्नान के समान है।
*गुरुदेव समर्पणम*
।।परमाराध्य पूज्य श्रीमन माध्व गोडेशवर वैष्णवआचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महराज ||
#pundrikjisutra #Awakening #Divine #BhagwatKatha #Spiritual #Radha #Krishna #radharaman #Hindu #Motivation
For English—
Join WhatsApp channel —
https://whatsapp.com/channel/0029VaB0YbMADTOCrqLc501S
Join Instagram broadcast channel —
https://ig.me/j/Abadcnh_KltVCdGh/
