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Dec
सद्पुरुष कभी अड़ता नहीं है और उसकी बात न मानो तो वो कभी बुरा नहीं मानता। ऐसे व्यक्ति कि बात जरूर मानना। जो तुम्हारी बात न मानने पर कभी बुरा न माने उसकी बात सदा मानना। क्योंकि वो तुम्हारे हित की बात कर रहा है अपने अभिमान की बात नहीं कर रहा। और तुम्हारी बात न मानने पर जो तुरंत बुरा मान जाए उसका मतलब वहाँ थोड़ा सा सावधान रहने की बात है। क्योंकि परहित वाला कभी बुरा नहीं मानता। कहीं न कहीं अपने हित वाला तुम्हारी बात का बुरा मान सकता है।
।।परमाराध्य पूज्य श्रीमन् माध्व गौडेश्वर वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज ।।
