Radharamano Vijayate

Hindi —
*कथा सूत्र*
*मनमाधवगौडेश्वर वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज*
गुरुदेव महाराज कहते हैं कि जिसका जन्म इस भारतवर्ष में होता है उसको एक अद्भुत संभावना मिलती है, आध्यात्मिक बनने की। कहीं ना कहीं उसके अंदर यह संस्कार का बीज छिपा होता है। जिससे वह ऐसे कर्म कर पाए जिससे कि वह आप प्रसन्न हो जाए। बिना चाहे भी, यह भारत की भूमि ऐसी है कि अगर कुछ ना भी चाहो तो सहज ही आपसे पुण्य हो जाएगा। ज्यादा ना भी करना पड़े, ऐसे ही दान हो जाएगा। सेवा कर सकते हो, मंदिर जा सकते हो, अगर वृंदावन की धरती पर जाते हो, तो कहीं ना कहीं से एक ध्वनि कान में पहुंच ही जाएगी। *जय जय श्री राधे*। कितनी बड़ी गाड़ी में जा रहे हो रास्ते में गंगाजल उठा कोई कावड़ मिल जाए तो मन सहज ही भोलेनाथ का स्मरण कर ही लेगा। काशी जाते ही भोलेनाथ का स्मरण होगा। वृंदावन जाते ही श्री राधा रानी का राधा रमण जी का स्मरण हो जाएगा। अयोध्या जाओगे तो राम जी का स्मरण हो जाएगा। मतलब प्रयास भी किया जाए बचने का, तो यह भारत की भूमि ऐसी है, बिना प्रयास, बिना रुचि, यह भारत की भूमि ऐसी है, कि यह आपसे भक्ति करा ही लेती है।आज सबके मन में एक जिज्ञासा है, कि ऐसा कौन सा पुण्य किया है, जिसके फल स्वरुप हमें भारतवर्ष में जन्म मिला है। श्रीमद् भागवत के पंचम स्कंध 19वें अध्याय और 21वें श्लोक में कह रहे हैं देवता भी कह रहे हैं, कि आप हमें आशीर्वाद दें और हम सब कभी ना कभी इस भारतवर्ष में जन्म लें।
*गुरुदेव समर्पणम*
।।परमाराध्य पूज्य श्रीमन माध्व गोडेशवर वैष्णवआचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महराज ||
#pundrikjisutra #Awakening #Divine #BhagwatKatha #Spiritual #Radha #Krishna #radharaman #Hindu #Motivation
For English—
Join WhatsApp channel —
https://whatsapp.com/channel/0029VaB0YbMADTOCrqLc501S
Join Instagram broadcast channel —
https://ig.me/j/Abadcnh_KltVCdGh/
