Pundrik Ji Sutra 26/10/2026
Radharamano Vijayate

Hindi —
*कथा सूत्र*
*मनमाधवगौडेश्वर वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज*
गुरुदेव महाराज कहते हैं, भगवान क्यों प्रतिकार नहीं कर रहे, क्योंकि उन्हें पता है यह जो ऊपर से बड़ी भक्ति कर रहा है, इसके मन में कितना कपट है। एक और बात है, हो सकता है हमारे मन में कपट ना हो, हम भगवान की भक्ति करना चाहते हों। हमारी भक्ति सकाम है। सकाम भक्ति में भी कोई कपट नहीं है। भक्तों में से कम भक्त भी होते हैं। सकाम भक्ति का मतलब क्या होता है? यह नहीं कि दुनिया में काम नहीं चला, तो चलो इन्हीं को पूछ लें ,शायद यह कर दें। अगर एक भगवान नहीं कर सकते, तो दूसरे करदें। सकाम भक्ति का मतलब यह होता है, कि मेरा यह काम प्रभु के अलावा कोई नहीं कर सकता। अब भगवान आपकी की ही जिम्मेदारी है। आप ही को यह मेरा काम करना है। यह सकाम भक्ति है। एक और बात है, आप कितना भी कर लो, आपको वह चीज नहीं मिल रही, तो इसका मतलब यह है भगवान आपके सुख का विचार नहीं करते, भगवान आपके हित का विचार करते हैं। बच्चे का मन तो सदा ही टॉफी खाने का है। पर क्या मां एक दे देगी, दो दे देगी, उसके बाद क्या देगी? उससे ज्यादा दी तो उसके दांत में कीड़े पड़ जाएंगे ।ऐसे ही इतना मांगोगे तो हो सकता है, भगवान थोड़ा सा दे दें कि तुम्हारी आस्था बढ़ जाए। पर अब अगर 10 बार कहने से भी नहीं दे रहे, तो फिर *त्वमेव माता त्वमेव पिता च त्वमेव बन्धु च सखा त्वमेव*। भगवान को सबसे पहले मां कहा है। इसका मतलब उनके भीतर मां का गुण है जो बच्चे को सुख देने की खातिर थोड़ा सा उसे पर हाथ फेर देती है। पर इतना कभी नहीं देगी कि जिस बच्चे का अहित हो जाए।
*गुरुदेव समर्पनम*
।।परमाराध्य पूज्य श्रीमन माध्व गोडेशवर वैष्णवआचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महराज ||
#pundrikjisutra #Awakening #Divine #BhagwatKatha #Spiritual #Radha #Krishna #radharaman #Hindu #Motivation
Join WhatsApp channel —
https://whatsapp.com/channel/0029VaB0YbMADTOCrqLc501S
Join Instagram broadcast channel —
https://ig.me/j/Abadcnh_KltVCdGh/
